गौरतलब हो कि नीतीश कुमार की पार्टी (जेडीयू) के साथ केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान की पार्टी एलजेपी (आर) ने भी वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन किया है. बिल के समर्थन के बाद पार्टी के भीतर मुस्लिम नेताओं में नाराजगी देखी जा रही है. खबर है कि एलजेपी अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष अली आलम ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है. उनका यह कहना है कि बिल मुसलमानों के खिलाफ है.
यह सब ऐसे वक्त में हो रहा है जब बिहार में विधानसभा का चुनाव होना है. ऐसे में मुस्लिम नेताओं का जेडीयू और एलजेपी (रामविलास) से इस्तीफा देना एक तरह से झटका ही है. हालांकि जेडीयू की ओर से तो यह बयान आया है कि जिन नेताओं ने इस्तीफा दिया है उनका पार्टी से कोई लेनादेना नहीं
हैजेडीयू से कौन-कौन दिया इस्तीफा?
बता दें कि जेडीयू में इस्तीफा देने वालों की लंबी लिस्ट है. जेडीयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव मो. शाहनवाज मलिक, प्रदेश महासचिव मो. तबरेज सिद्दीकी अलीग, भोजपुर से पार्टी सदस्य मो. दिलशान राईन और पूर्वी चंपारण जिला चिकित्सा प्रकोष्ठ के प्रवक्ता कासिम अंसारी ने इस्तीफा दे दिया है. अब इस्तीफे का दौर एलजेपीआर में शुरू हो गया है.
गुलाम गौस ने बुलाई है प्रेस कॉन्फ्रेंस
उधर दूसरी ओर वक्फ बोर्ड के खिलाफ लगातार बोलने वाले जेडीयू नेता और एमएलसी गुलाम गौस शनिवार (05 अप्रैल) को पटना में प्रेस वार्ता करेंगे. पार्टी कार्यालय में दोपहर एक बजे से यह प्रेस कॉन्फ्रेंस होनी है. इसमें एमएलसी आफाक आलम और एमएलसी खालिद अनवर भी मौजूद रहेंगे. कहकशां परवीन और अफजल अब्बास जैसे नेता मौजूद रहेंगे. देखना होगा कि क्या कुछ कहा जाता है.