Patna news: बिहार की राजधानी पटना में महिलाओं के लिए एक बड़ी सौगात आने वाली है। मई 2025 के दूसरे हफ्ते से शहर में 10 पिंक बसों का संचालन शुरू होने जा रहा है, जिससे करीब 27 लाख महिला आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि इन बसों में महिलाओं को सामान्य बसों के मुकाबले 40% सस्ते टिकट मिलेंगे। यह पहल न सिर्फ महिलाओं की यात्रा को सस्ता और सुविधाजनक बनाएगी, बल्कि उनकी सुरक्षा को भी प्राथमिकता देगी। परिवहन विभाग ने इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए कमर कस ली है, और जल्द ही शहर की सड़कों पर पिंक बसें दौड़ती नजर आएंगी।
महिलाओं की सुविधा के लिए पिंक बसें हर दिन 11 घंटे चलेंगी.. सुबह 6 बजे से रात 9 बजे तक। परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया, “बसों का संचालन शुरू होने के बाद ही किराया तय होगा, लेकिन यह सामान्य बसों से 40% सस्ता होगा।” पटना में इसके लिए तीन रूट फाइनल कर लिए गए हैं, पटना सिटी से दानापुर, बाईपास कंकड़बाग-राजेंद्रनगर से अनीसाबाद-फुलवारी, और बोरिंग रोड से पाटलिपुत्र-कुर्जी-दीघा। हर बस में 22 सीटें होंगी, और यह सिर्फ महिलाओं के लिए ही होगी। पुरुष यात्रियों को इन बसों में चढ़ने की इजाजत नहीं होगी। अगर कोई कंडक्टर नियम तोड़कर पुरुषों को बैठाता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
सुरक्षा का कड़ा इंतजाम
पिंक बसों में महिलाओं की सुरक्षा पहली प्राथमिकता है। इन बसों में ड्राइवर, कंडक्टर और डिपो मेंटेनेंस स्टाफ सहित सभी कर्मचारी महिलाएँ होंगी, जिन्हें खास तौर पर प्रशिक्षित किया जाएगा। हर बस में सीसीटीवी कैमरे और जीपीएस सिस्टम लगे होंगे, ताकि बस की लोकेशन हर वक्त ट्रैक की जा सके। सबसे खास है हर सीट के नीचे पैनिक बटन का होना। किसी भी आपात स्थिति में महिलाएँ इस बटन को दबाकर मदद माँग सकेंगी, जिसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाने या कंट्रोल रूम को मिल जाएगी।
20 बसों का ऑर्डर
बिहार राज्य पथ परिवहन निगम ने इस योजना को रफ्तार देने के लिए बस कंपनी को 20 पिंक बसों का ऑर्डर दिया है। पहले चरण में मई से 10 बसें शुरू होंगी, और बाकी बाद में शामिल की जाएंगी। परिवहन विभाग के अधिकारी ने बताया, “यह योजना महिलाओं को सशक्त करने और उनकी यात्रा को आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। सस्ते टिकट और सुरक्षित सफर से कामकाजी महिलाओं और छात्राओं को खास फायदा होगा।” पटना की 27 लाख महिलाओं के लिए यह बस सेवा न सिर्फ समय बचाएगी, बल्कि उनकी जेब पर भी कम बोझ डालेगी।