आरजेडी नेता ने कहा कि शासन अच्छा वही माना जाता है जो माइनॉरिटी का ख्याल रखे. वक्फ विधेयक मुस्लिमों के खिलाफ साजिश है. उनके अधिकारों का हनन है. जेडीयू के मुस्लिम नेता वक्फ विधेयक का विरोध कर रहे हैं इस पर उन्होंने कहा कि जिन नेताओं ने कई काल देखे हैं वह विरोध करेंगे. जेडीयू में भगदड़ मचने वाली है. सत्ता के लिए लोग नीतीश के साथ हैं. जल्द भगदड़ मचेगी.
'कुछ लोगों ने नीतीश को अपने में किया'
अब्दुल बारी सिद्दीकी ने आगे कहा, "मुझे घोर आश्चर्य है कि नीतीश कैसे वक्फ विधेयक का समर्थन कर रहे हैं? उनके बारे में कहा जाता है कि वह बीमार हैं. मुझे लगता है कि कुछ लोगों ने नीतीश को अपने वश में कर लिया है वरना नीतीश कभी इसका समर्थन नहीं करते. वक्फ संशोधन विधेयक से मुस्लिम समाज, मुस्लिम संगठन (पॉलिटिकल-नॉन पॉलिटिकल) सहमत नहीं हैं."
'वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर जेडीयू एक्सपोज'
उधर आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने भी जेडीयू में टूट का दावा किया. कहा कि लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन कर जेडीयू एक्सपोज हो गई. नीतीश का तथाकथित सेक्युलर चोला बेनकाब हो गया. जेडीयू के मुस्लिम एवं गैर मुस्लिम नेताओं में भी भारी आक्रोश है. जो नजर भी आ रहा है. जेडीयू में विरोध के स्वर उठ रहे हैं. बिहार सरकार धराशायी हो सकती है. जेडीयू को बचाना अब मुश्किल है.
मृत्युंजय तिवारी ने आगे कहा कि इस विधेयक के जरिए बीजेपी ने सभी सहयोगी दलों को निगल लिया. वक्फ विधेयक संविधान विरोधी है. विधेयक में जो भी प्रावधान किए गए हैं वह सब सरकार ने अपने बचाव में किया है जिसका पालन नहीं होगा.
बता दें कि लोकसभा में जेडीयू ने विधेयक का समर्थन किया लेकिन पार्टी दो हिस्सों में बंटती दिख रही है. मुस्लिम नेताओं में नाराजगी है. गुलाम गौस के बाद बलियावी ने भी पुरजोर विरोध किया है.