SHEOHAR; 2026 प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में 285 मामलों का हुआ निष्पादन
• व्यवहार न्यायालय परिसर में छोटे बड़े सुलहनीय वादों के निपटारे के लिए शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत शिविर का जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार शिवहर दीपक कुमार ने दीप प्रज्वलित कर उद्घाटन किया तथा दोनों पक्षों से वादों के निपटारे के लिए अपील की।उद्घाटन के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव ललन कुमार रजक, न्यायाधीश महेश कुमार,शिखा शर्मा, डीएम प्रतिभा रानी, एसपी शुभांक मिश्रा सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी व अधिवक्ता मौजूद रहे।
*लोक अदालत सशक्त वैकल्पिक व्यवस्था*
वहीं राष्ट्रीय लोक अदालत को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव सह न्यायाधीश ललन कुमार रजक ने कहा कि लोक अदालत छोटे-बड़े वादों के निष्पादन का एक सशक्त वैकल्पिक व्यवस्था है। यहां दोनों पक्षों में आपसी सहमति व भाईचारे से सुलहनीय वादों का अंतिम रूप से निपटारा किया जाता है। इन मामलों में निपटारे के बाद कोई अपील नहीं होती। साथ हीं लोक अदालत के मामलों में पक्षकारों के वकील फीस एवं कोर्ट फीस की बचत होती है तथा न्यायालय एवं पक्षकार दोनों का समय भी बचता है।
*वादों के निपटारे के लिए 4 बेंच गठित*
लोक अदालत के दौरान वादों के निपटारे के लिए जिला व्यवहार न्यायालय शिवहर में 4 बेंचों का गठन किया गया है।इस दौरान दीवानी, बैंक ऋण, वैवाहिक व पारिवारिक झगड़ों, राजस्व, दाखिल खारिज, मुआवजा, दुर्घटना दावा आदि से संबंधित सैकड़ों मामले के निपटारे की प्रक्रिया की गई।
*285 मामला का निष्पादन एवं 32 लाख 69 रुपए की राशि की गई वसूली*
जिला विधिक सेवा प्राधिकार सचिव ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि बीएसएनल व बैंक का 191 मामले का निष्पादन किया गया।वही 30 लाख 31569 रूपए राजसव की समझौते के आधार पर राशि प्राप्त हुई साथ ही अन्य सुलहनिय वाद में 94 वाद का निष्पादन किया गया।जिसमें केवल 500 राजस्व की प्राप्ति हुई।वही बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत में कुल 285 मामले का निष्पादन किया गया और 32 लाख 69 रुपया की राशि समझौते के आधार पर वसूल की गई।