*शिवहर के नरोत्तम मिश्रा मेमोरियल कॉलेज में बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती पर भव्य विजयोत्सव का आयोजन*
*उम्र नहीं जज्बा देखो अस्सी में जो कमाल किया, वीर कुंवर की तलवार ने गोरों को बेहाल किया*
शिवहर: जिले के तरियानी नरवारा स्थित नरोत्तम मिश्रा मेमोरियल कॉलेज में वीर शिरोमणि बाबू वीर कुंवर सिंह की जयंती समारोहपूर्वक मनाई गई। कॉलेज प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में भारी संख्या में प्रबुद्ध नागरिक और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान देश की आजादी के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महानायक बाबू वीर कुंवर सिंह के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए) के निदेशक और कला संस्कृति पदाधिकारी प्रेम सागर मिश्रा तथा पूर्व विधायक ठाकुर रत्नाकर राणा उपस्थित रहे। कॉलेज के संस्थापक डॉ गिरीश मिश्रा और उनके अनुज श्री झा के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस भव्य समारोह में विजयोत्सव का उत्साह देखते ही बन रहा था। समारोह की शुरुआत स्वागत गान के साथ हुई, जिसके बाद स्थानीय विद्यालयों के बच्चों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
सांस्कृतिक कार्यक्रमों की श्रृंखला में डीएवी नराहा, जवाहर नवोदय विद्यालय और आस्था विद्या निकेतन के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। बच्चों द्वारा प्रस्तुत स्वागत गान और एकल गीतों ने उपस्थित अतिथियों और दर्शकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का कॉलेज प्रबंधन द्वारा विधिवत स्वागत और अभिनंदन किया गया। वक्ताओं ने बाबू वीर कुंवर सिंह के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 23 अप्रैल का दिन भारतीय इतिहास में विजयोत्सव के रूप में अंकित है। यह वह दिन है जब 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के दौरान बिहार के जगदीशपुर के जमींदार कुंवर सिंह ने अपनी वीरता और अदम्य साहस का परिचय देते हुए अंग्रेजों को धूल चटाई थी।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक ठाकुर रत्नाकर राणा ने कहा कि बाबू वीर कुंवर सिंह का जीवन हमें सिखाता है कि देशभक्ति की कोई उम्र नहीं होती। यदि मन में जज्बा और राष्ट्र के प्रति प्रेम हो तो 80 साल की उम्र में भी दुश्मनों के छक्के छुड़ाए जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह दिन उनके समर्पण और बलिदान को याद करने का है, ताकि आज की युवा पीढ़ी उनसे प्रेरणा लेकर राष्ट्र सेवा के लिए सदैव तत्पर रह सके। कुंवर सिंह ने अपनी एक भुजा काटकर गंगा को समर्पित कर दी थी, लेकिन अंग्रेजों के सामने कभी घुटने नहीं टेके। उनकी यही वीरता आज भी बिहार ही नहीं बल्कि पूरे देश के युवाओं के लिए ऊर्जा का स्रोत है।
कार्यक्रम के दौरान शिक्षाविदों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि शैक्षणिक संस्थानों में ऐसे महापुरुषों की जयंती मनाने से छात्रों में नैतिक मूल्यों और राष्ट्रीयता की भावना का विकास होता है। कॉलेज के संस्थापक डॉ गिरीश मिश्रा ने कार्यक्रम की सफलता पर सभी अतिथियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि नरोत्तम मिश्रा मेमोरियल कॉलेज भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से सामाजिक और राष्ट्रीय चेतना को जगाने का कार्य करता रहेगा।
इस अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे जिनमें जिला परिषद के पूर्व अध्यक्ष सह वर्तमान सदस्य मनीष कुमार सिंह, पूर्व मुखिया सह मुखिया प्रतिनिधि नीरज सिंह पप्पू, पूर्व मुखिया गौरव कुमार सिंह, आदित्य कुमार सिंह, दीनबंधु सिंह, कैप्टन कौशलेंद्र सिंह और पप्पू सिंह प्रमुख थे। इनके अतिरिक्त अवधेश सिंह, ब्रजकिशोर सिंह, हर विलास सिंह, कर्नल श्री राम सिंह, बच्चा सिंह, मुखिया जितेंद्र सिंह और आलोक सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और छात्र उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान और बाबू वीर कुंवर सिंह के जयकारों के साथ हुआ, जिससे पूरा परिसर देशभक्ति के नारों से गूंज उठा।