SHEOHAR*भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की पुण्यतिथि पर आरजेडी नेता नवनीत झा ने दी श्रद्धांजलि
भारत के प्रथम राष्ट्रपति महान स्वतंत्रता सेनानी और 'भारत रत्न' से सम्मानित डॉ. राजेंद्र प्रसाद का निधन 28 फरवरी 1963 को पटना के सदाकत आश्रम में हुआ था। जानकारी देते हुए पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व राजद नेता नवनीत कुमार झा ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया है।
श्री झा ने बताया है कि राष्ट्रपति पद से 1962 में सेवानिवृत्त होने के बाद वे अंतिम दिनों में पटना में ही सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत कर रहे थे। उनकी मृत्यु तिथि को देश भर में श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।
पूर्व विधानसभा प्रत्याशी व राजद नेता नवनीत ने बताया है कि 1962 में सबसे लंबा (12 वर्ष) राष्ट्रपति कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने सक्रिय राजनीति से संन्यास ले लिया था और सदाकत आश्रम में बस गए थे।
श्री झा ने कहा है कि वे अपनी अत्यधिक सादगी ईमानदारी के नाम से अपनी विनम्रता के लिए जाने जाते थे। 1962 में राष्ट्रपति पद से सेवानिवृत्त होने के बाद ही उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'भारत रत्न' से सम्मानित किया गया था।
डॉ राजेंद्र प्रसाद ने स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति (1950-1962) के रूप में उन्होंने भारतीय संविधान सभा की अध्यक्षता की और राष्ट्र निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाई।
डॉ. राजेंद्र प्रसाद का निधन देश के लिए एक युग का अंत था लेकिन उनके आदर्श आज भी प्रासंगिक हैं। ऐसे महापुरुष को शत-शत नमन।