*“मुख्यमंत्री, जरा ठहर जाइए… जीविका दीदियों की पुकार सुन जाइए”*
*शिवहर के बसहिया राम गांव की महिलाओं की नम आँखों से अपील_*
शिवहर जिले के मथुरापुर-कतहरवा पंचायत अंतर्गत बसहिया राम गांव की जीविका दीदियों ने नम आँखों से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से भावुक अपील की है। महिलाओं ने कहा कि दिन भर मेहनत और रात भर चिंता के बीच भी उनकी उम्मीदें जीवित हैं, और उन उम्मीदों का सबसे बड़ा सहारा मुख्यमंत्री ही रहे हैं।
गांव की रहने वाली सुगंधि कुमारी ने भावुक होकर कहा कि जीविका से जुड़ी सभी दीदियों की ओर से यही संदेश है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार महिलाओं के लिए सहारा बने रहें। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार के नेतृत्व में ही वे उस मुकाम तक पहुंचीं, जहां पहले जाना उनके लिए संभव नहीं था।
उन्होंने कहा, “नीतीश जी ने हमें सिर्फ योजना का लाभ ही नहीं दिया, बल्कि भाई की तरह सम्मान दिया। उन्होंने हमें घर की चारदीवारी से निकालकर समाज में पहचान दिलाई। अगर वे चले जाएंगे तो हमें फिर से वही पुराने हालात का डर सताने लगेगा।”
महिलाओं ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रयासों से ही उन्हें जीविका के माध्यम से आर्थिक सहयोग मिला और कई महिलाओं को ₹10,000 तक की सहायता प्राप्त हुई, जिससे वे छोटे-मोटे रोजगार शुरू कर सकीं। अब भी उन्हें उम्मीद है कि आगे भी इसी तरह का सहयोग मिलता रहेगा।
गांव की सीमा देवी ने कहा कि जीविका से जुड़ने से पहले महिलाएं घर से बाहर तक नहीं निकल पाती थीं। लेकिन आज वे अपने पैरों पर खड़ी होने की कोशिश कर रही हैं, और इसका श्रेय मुख्यमंत्री की नीतियों को जाता है। उन्होंने कहा कि अगर यह समर्थन खत्म हो गया तो महिलाओं के सामने फिर से मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं।
स्थानीय जीविका दीदियों ने कहा कि बिहार में शराबबंदी, महिलाओं की सुरक्षा, आरक्षण, और बुनियादी सुविधाओं—जैसे सड़क, पुल, बिजली और पानी—की व्यवस्था में भी मुख्यमंत्री की बड़ी भूमिका रही है। महिलाओं का कहना है कि इन कदमों से गांवों में महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और उन्हें समाज में आगे बढ़ने का अवसर मिला है।