Today sheohar news भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चैंपियंस ट्रॉफी का पहला सेमीफाइनल मुकाबला खेला जा रहा है। इस मैच में भारतीय स्पिनर्स एक बार फिर हावी नजर आए। पिछले मैच में न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को भी धीमी गति के गेंदबाजों ने परेशान किया था। मंगलवार को दुबई में खेले जा रहे मुकाबले में भारतीय स्पिनर्स ने लगभग पांच के इकोनॉमी रेट से गेंदबाजी की जबकि कंगारुओं ने पांच से ज्यादा के रन रेट को बरकरार रखा।ऑस्ट्रेलिया ने स्टीव स्मिथ की 73 रनों की दमदार पारी की बदौलत भारत के सामने 265 रनों का लक्ष्य रखा है। इस नॉकआउट मुकाबले में भारतीय टीम चार स्पिनर्स और दो तेज गेंदबाजों के साथ उतरी। मोहम्मद शमी ने तीन विकेट लिए जबकि वरुण चक्रवर्ती और रवींद्र जडेजा को दो-दो सफलताएं मिलीं। वहीं, हार्दिक पांड्या और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट अपने नाम किया।
स्पिनर्स के खिलाफ कंगारुओं ने कुल 34 ओवर खेले। इस दौरान टीम ने पांच विकेट खोए और 176 रन बनाए। वहीं, दो ओवर मेडन रहे। धीमी गति के गेंदबाजों ने इस मैच में लगभग पांच से ज्यादा की इकोनॉमी से गेंदबाजी की। कुलदीप यादव (5.50), अक्षर पटेल (5.37), रवींद्र जडेजा (5.00) और वरुण चक्रवर्ती (4.90) कहर बनकर टूटे।
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए स्मिथ के 96 गेंदों पर 73 रन और एलेक्स कैरी के 57 गेंदों पर 61 रनों की मदद से 49.3 ओवर में 264 रन बनाए। भारत को शमी ने कोनोली को आउट कर पहली सफलता दिलाई। इसके बाद ट्रेविस हेड ने कुछ आक्रामक शॉट खेलकर टीम को संभालने की कोशिश की, लेकिन वरुण चक्रवर्ती ने हेड को आउट कर भारत को बड़ी सफलता दिलाई। इसके बाद स्मिथ ने मार्नस लाबुशेन के साथ साझेदारी जमाई। स्मिथ एक छोर से पारी आगे बढ़ाते रहे और उन्होंने रन गति का भी ध्यान रखा। हालांकि, दूसरे छोर पर विकेट भी गिरते रहे। स्मिथ के आउट होने के बाद एलेक्स कैरी ने मोर्चा संभाला और आक्रामक बल्लेबाजी की।
अंतिम ओवरों में भारतीय गेंदबाज विकेट निकालने में सफल रहे। जब कैरी खेल रहे थे तो लग रहा था कि ऑस्ट्रेलिया 300 के करीब स्कोर खड़ा कर लेगा, लेकिन भारतीय गेंदबाज वापसी करने में सफल रहे। ऑस्ट्रेलियाई टीम पूरे 50 ओवर भी नहीं खेल सकी, लेकिन भारत के सामने चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखने में सफल रही।
दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया ने नियमित अंतराल पर विकेट तो खोए लेकिन शुरुआती पांच ओवर को छोड़ दिया जाए तो उन्होंने पांच से ज्यादा का रन रेट बरकरार रखा।