T
बिहार में कोरोना अपनी रफ्तार में है। एक मई से बिहार में हर रोज औसतन 124 लोग कोरोना संक्रमित हो रहे हैं तो हर चौथे दिन एक संक्रमित की मौत हो रही है। कोरोना का संक्रमण धीरे-धीरे पसर रहा है। हालांकि, पहली से तीसरी लहर तक संक्रमण जितना खतरनाक था, उतना नहीं है, फिर भी तेज और कई दिनों तक बुखार हो रहे हैं, इससे शारीरिक कमजोरी हो रही है।पटना सहित सात जिलों में कोरोना संक्रमण का प्रभाव सबसे तीव्र है। पटना में सर्वाधिक नए संक्रमितों की पहचान की जा रही है। वहीं, बांका, भागलपुर, गया, खगड़यिा, मुजफ्फरपुर एवं सहरसा में भी लगातार नए संक्रमितों मिल रहे हैं। विभाग के अनुसार मई 2022 में सर्वाधिक 6 व 26 मई को 11 नए संक्रमित मिले थे। वहीं, जून में 30 जून को सर्वाधिक 186 एवं जुलाई में 19 जुलाई को सर्वाधिक 548 नये मरीज पाये गये थे। हालांकि, कोरोना जांच को लेकर स्वास्थ्य विभाग का ढुलमुल रवैया सामने आया है। कोरोना जांच की रिपोर्ट समय पर नहीं दी जा रही है। एंटीजन रिपोर्ट में पॉजिटिव तो आरटीपीसीआर में निगेटिव बताया जा रहा है। उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद भी कोरोना जांच की रिपोर्ट से प्रभावित हुए बिना नहीं रह सके हैं। सूत्रों के अनुसार कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों पर नजर रखी जा रही है, हालांकि इसको लेकर अभी तक कोई अध्ययन नहीं कराया जा रहा है।