बदायूं जिले के उझानी के सिविल लाइन थानाक्षेत्र के गलम पट्टी गांव से 18 फरवरी से लापता डांसर मुस्कान की हत्या उसके ही पति ने की थी। हत्या मामले में खुलासा हुआ है कि मुस्कान की मौसी शाहरा ने बताया कि करीब पांच साल पहले नौटंकी के दौरान रिजवान की नजर मुस्कान पर पड़ी तो वह उस पर फिदा हो गया था। इसके बाद मुस्कान के अन्य कार्यक्रमों में भी वह आने लग गया। दोनों के बीच करीबी देख ही परिवार के लोग भी निकाह पर रजामंद हो गए थे।प्रधान पति रिजवान ने दो साथियों के साथ मिलकर मुस्कान की हत्या की थी। रविवार को पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों की निशानदेही से उझानी क्षेत्र के नरऊ खेतीहर इलाके से गड्ढे में दफन डांसर का कंकाल बरामद कर किया। इस दौरान फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य संकलित किए। एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने पुलिस लाइन में घटनाक्रम का खुलासा कर तीनों आरोपियों को जेल भिजवाया है।
एसपी सिटी अमित किशोर श्रीवास्तव ने बताया कि, सिविल लाइन थानाक्षेत्र के गांव गाल पट्टी निवासी डांसर मुस्कान (28) मूलत: दातागंज क्षेत्र के गांव हाशिमपुर निवासी स्व. साबिर की बेटी थी। वह नौटंकी में डांस करके अपना जीवन यापन करती थी। इस दौरान मुस्कान और उझानी क्षेत्र के गांव अल्लापुर भोगी निवासी प्रधान पति रिजवान के बीच प्रेमप्रसंग हो गया। पहले से शादीशुदा रिजवान ने चार साल पहले मुस्कान से निकाह कर लिया था। इसके बाद मुस्कान और रिजवान सिविल लाइन क्षेत्र के मोहल्ला गालमपट्टी में ही रहने थे।
19 फरवरी की रात अचानक मुस्कान लापता हो गई। मामा नूर हसन ने थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद रिजवान पर मुस्कान का अपहरण व हत्या का आरोप लगाते हुए रिजवान और उसकी ग्राम प्रधान पहली पत्नी जैनब के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के बाद से रिजवान लापता हो गया था। पुलिस उसकी तलाश में थी। इसी बीच शनिवार शाम को पुलिस ने मीरासराय क्षेत्र से रिजवान को हिरासत में लेकर पूछताछ की। तब उसने मुस्कान की हत्या कर शव को रनऊ गांव के पास संपर्क मार्ग के किनारे गड्ढे में दफनाने की बात स्वीकार की। रविवार सुबह सिविल लाइंस पुलिस ने रिजवान व उसके दो साथियों को लेकर उझानी के नरऊ के खेतीहर इलाके में पहुंची। यहां आरोपियों के द्वारा बताए गए स्थान पर जेसीबी से गड्ढा कराया गया। यहां मुस्कान का कंकाल बरामद हो गया। पुलिस ने कंकाल को सीलकर पोस्टमार्टम को भिजवाया।
शातिर निकला रिजवान, हत्या कर चला गया था जेल
दूसरी पत्नी मुस्कान की हत्या के बाद हत्यारोपी रिजवान ने खुद को बचाने के लिए जेल जाने का हथकंड़ा अपनाया। वह एक पुराने मामले में कोर्ट से अपनी जमानत रद्द करा ली। इसके बाद वह जेल चला गया। वह करीब 27 दिन जेल में रहा, लेकिन वह अपने गुनाह पर पर्दा डालने में सफल नहीं हो सका। पुलिस ने जेल से बाहर आते ही उसपर शिकंजा कसा तो वह टूट गया।
रिजवान का विवादों से रहा है नाता
अल्लापुर भोगी की प्रधान जैनब के पति रिजवान का विवादों से नाता रहा है। करीब दो साल पुराने एक मामले में वह जमानत पर था। 19 फरवरी को अपनी दूसरी पत्नी मुस्कान की हत्या करने के बाद उसे जब लगा कि मृतका के परिवार के लोग उस पर शिकंजा कस लेंगे। इसीलिए रिजवान ने जेल जाना उचित समझा। इसके लिए उसने पुराने मामले में अपनी जमानत भी रद्द करवा ली थी। 28 फरवरी को वह जेल भेज दिया गया। 27 दिन बाद वह जेल से फिर जमानत पर छूटा, तो भी गुनाह उसका पीछा करता रहा।
मृतका के मामा पहले से ही रिजवान की भूमिका पर उठा रहे थे सवाल
मृतका मुस्कान के मामा नूर हसन ने बताया कि वह तो पहले से ही रिजवान की भूमिका पर सवाल उठा रहा था। नूर हसन ने फिर सिविल लाइंस पुलिस को रिजवान के बारे में बताया तो उसे पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया गया था। मृतका के मामा के मुताबिक रिजवान से निकाह के करीब एक साल बाद मुस्कान ने बेटे का जन्म दिया था। इस वक्त वह नूर की बहन के पास है।
रामऔतार बोला- शराब पीकर दफनाई थी मुस्कान
प्रधान पति रिजवान ने अपनी दूसरी पत्नी मुस्कान की हत्या की पटकथा पहले ही तैयार कर ली थी। यह बात आरोपियों में से रनऊ निवासी रामऔतार ने पुलिस को बताई है। 18 फरवरी की शाम रिजवान स्कूटी से गालम पट्टी पहुंचा। यहां उसने मुस्कान से बात की। इसके बाद वह उसे स्कूटी पर बैठाकर नरऊ के जंगल में एक खेत पर ले गया। यहां रामौतार व राधेश्याम पहले से ही तैयार खड़े थे तीनों ने मिलकर मुस्कान का उसके दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद तीनों ने शराब पी। शराब पीने के बाद तीनों ने गांव के रवेंद्र के खेत की गूल में गड्ढा खोदा और मुस्कान का शव दफना दिया। रवेंद्र का खेत रामऔतार और राधेश्याम पर बटाई पर है। इस वजह से दोनों ने इसी खेत को मुस्कान का शव दफनाने के लिए चुना। इस दौरान नरऊ गांव के राधेश्याम उर्फ हलवाई और रामऔतार उर्फ विनेगा को हत्या और अपहरण में शामिल करने के लिए दोनों को 70-70 हजार रुपये दिए थे।
आरोपियों ने चलाए फाबड़े, जैनब की भूमिका पर उठा सवाल
मुस्कान के शव को बरामद करने के लिए सिविल लाइन और कोतवाली पुलिस रनऊ गांव के पास पहुंची तो उसके पास फाबड़े भी थे। जगह की पहचान कराने के बाद पुलिस कर्मियों ने रिजवान, राधेश्याम और रामऔतार से खोदाई कराई, लेकिन बाद में जेसीबी बुलानी पड़ गई। कार्रवाई के दौरान मुस्कान के मामा नूर हसन ने आरोपी रिजवान की पहली पत्नी जैनब की भूमिका पर भी सवाल उठाया। कहा कि जैनब अगर मुस्कान को स्वीकार कर लेती तो ऐसा दिन देखना नहीं पड़ता
मुस्कान करती थी हर महीने 40 हजार रुपये की मांग
मुस्कान की हत्या की मुख्य वजह उसके द्वारा प्रधान पति से हर महीने 40 हजार रुपये की मांग और प्रताड़ित करना बनी। रिजवान ने बताया कि मुस्कान उसके साथ हमेशा साथ रहने का दबाव बनाने लगी थी। वह मुस्कान को प्रत्येक महीने दस हजार रुपये देता था, लेकिन वह दस हजार रुपये से खुश नहीं थी। मुस्कान हर महीने 40 हजार रुपये देने की मांग करने लगी थी। रुपये नहीं देने पर उसे प्रताड़ित करती थी।